श्री यमनाजी के तट पर छोकर वृक्ष के नीचे प्रभविराजित है। यहां पर श्रावण स्दी 11 की अर्थ रात्रि का प्रभश्री गोवर्धनधर ने महाप्रभुञ्जी को दैवी जीवों के उद्धारार्थ ब्रा संबंध दीक्षा देने की आज्ञा की है।
पता: गोविन्द घाट, गोकुल (उ.प्र.) १. पहली बैठक
श्री महाप्रभुजी का दूसरा आसन गोकुल में है,और यहीं पर भोजन करते थे और दिव्य उपदेश देते थे।
पता: बड़ी बैठक जी पो. गोकुल जिला - मथुरा (उ.प्र.) 2 दूसरी बैठक
यहां आपने माधव कुण्ड कृष्ण कुण्ड के ऊपर कदंब वृक्ष के नीचे श्री भागवत् सप्ताह परायण किया। जिसे सुनने के लिये मधुवन के श्री मधुवनियां ठाकुर स्वयं नित्य पधारते थे।
पता: मधुवन पो. महोली, जिला - मथुरा (उ.प्र.) 6.छठी बैठक
कमोदकण्ड के ऊपर श्याम तमाल के नीचे आप श्री ने तीन दिन तक भागवत् पारायण किया।
पता: कुमुदवन पो. उसपार, जिला - मथुरा (उ.प्र.) 7. सातवी बैठक
श्री कृष्ण कुन्ड के उत्तर में वट वृक्ष के नीचे श्री महाप्रभुजी की बैठक है।
पता: बहुलावन पो. बाटी गाँव, जिला - मथुरा (उ.प्र.) 8.आठवी बैठक
श्री राधाकुण्ड पर छोकर के वृक्ष के नीचे श्री महाप्रभुजी की बैठक है। यहां आप एक माह तक विराजे।
पता: राधाकुण्ड पो. राधाकुण्ड, जिला मथुरा (उ.प्र.) 9.नववी बैठक
मानसी गंगा (दो बैठकें) मानसी गंगा के ऊपर आपकी बैठक है। वहां आपने श्री भागवत् सप्ताह पारायण किया। यहां कृष्णचैतन्य ने यह नियम ले रखा था कि जब तक सवा लाख भगवन्नाम पूरे नहीं हो किसी से बात नहीं करना है।
पता: वल्लभ घाट, चकलेश्वर के पास, पो. गोवर्धन, जिला - मथुरा (उ.प्र.) १0. दसवी बैठक
चन्द्रसरोवर से कुछ ही दूरी पर छोकर के नीच आपकी बैठक है। यहां आपने सात दिन तक भागवत पारायण किया।
पता: पारासोली (परसराम स्थली ) बैठक चन्द्रसरोवर, पोस्ट गोवर्धन, जिला - मथुरा 11.ग्यारहवीं बैठक
महाप्रभुजी झारखंड से ब्रज में श्रीनाथजी की सेवा की व्यवस्था करने के लिये पधारे थे, तब सदू पांडे के घर पर ही ठहरे थे ।
पता: सद्दू पांडे का घर, पो. आन्योर, जिला -मथुरा (उ.प्र.) 12 बारहवीं बैठक
यहां श्री महाप्रभुजी ने तीन दिन तक भागवत् पारायण किया। यहां श्री महाप्रभुञ्जी ने कृष्णदास मेघन को गिरिराज की कंदरा में व्यापी बैठ तथा लीला सामग्री के दर्शन करवाये।
पता: गोविन्द कुण्ड, पो. आन्योर, जिला मथुरा (उ.प्र.) 13.तेरहवीं बैठक
श्री गिरिराज के ऊपर श्रीनाथजी के मंदिर में एक चौतरी पर श्री महाप्रभुजी की बैठक है। यहां आप सेवा के अवकाश में बिराजते। एक समय आप श्रीनाथजी का श्रगार करके उस चौतरी पर विराज रहे थे। सामग्री तैयार नही थी।
पता: श्रीनाथजी मन्दिर (गिरिराज के ऊपर), जतीपुरा, जिला - मथुरा (उ.प्र.) 15 पंद्रह बैठक
कामवन में सुरभि कुंड (श्रीकुंड) के ऊपर छोकर वृक्ष के नीचे श्री आचार्यजी की बैठक है। यहां आपने चोरासी कुण्ड में स्नान करके श्री भागवत् सप्ताह किया।
पता: कामवन, श्री कुण्ड पो. कामा, जिला - भरतपुर (राज.) 16 सोलह बैठक
आपने यहां सात दिन विराजकर श्रीभागवत पारायण किया। एक दिन गहरवन में एक बड़ा अजगर दिखाई दिया। उसको हजारों चींटे काट रहे थे।
पता: गहवरवन (श्रीराधारानी के मंदिर के आगे) मोरकुटी के नीचे, पो. बरसाना, जिला - मथुरा 17. सत्रह बैठक
यह बैठक संकेत वन के समीप कृष्णकुंड के ऊपर छोकर के नीचे है। यहां आप श्री ने सात दिन का भागवत् पारायण किया।
पता: सकेतवन बगीचे में, कृष्ण कुण्ड पो. बरसाना, जिला - मथुरा 18 अठारहवी बैठक
नंदगांव में पान सरोवर के ऊपर श्री आचार्यजी की बैठक है। आप यहां है: माह विराजे और आज्ञा की जो पता उद्धवजी छः माह विराजे है।
पता: नन्दगांव, मानसरोवर सड़क के उस पार, पो. नन्दगाँव (जिला - मथुरा) 19.उन्निसवी बैठक
कोकिलावन में श्री कृष्णकुंड के ऊपर छोकर के नीचे श्रीआचार्यजी की बैठक है। यहां पर निम्बार्क संप्रदाय के चतुरा नागा नामक एक संत ने अपने एक हजार शिष्यों के साथ श्री महाप्रभुञ्जी के दर्शन किये है।
पता: कोकिलावन, मुकाम जौव, - पोस्ट बठेन, जिला - मथुरा 20 बीसवी बैठक
भांडीरवन में श्री महाप्रभुजी ने सात दिन तक श्री भागवत् पारायण किया। यहां एक माध्व संप्रदाय का व्यासतीर्थ स्वामी महंत रहता था। उसने श्री आचार्यजी से कहा कि आप माध्व संप्रदाय की गादी पर आरूढ होईये।
पता: भांडीर गांव, तालुका मांअ (यमुना नदी के किनारे) जिला - मथुरा (उ.प्र.) 21 इक्कीस बैठक
इस स्थान को चुनार भी कहते है। एक ब्राह्मण को श्री विठ्ठलनाथजी का स्वरूप प्राप्त हुआ जिन्हे श्रीमहाप्रभुजी को आकर पधराया ।
पता: बंसीवट पो. वृन्दावन, जिला-मथुरा (उ.प्र.) 4 चौथी बैठक
मथुरा के विश्राम घाट पर है। यहां पर सिकन्दर लोदी के हाकिम द्वारा एक यंत्र लगवाया गया था जिसके नीचे से हिन्दू निकलता था।
पता: विश्रामघाट (यमुनातट पर) पो. मथुरा, जिला-मथुरा (उ.प्र.) 5 पांचवी बैठक
यहां आपने तीन दिन तक भागवत पारायण किया। यहां श्री दामोदरदास हरसानी को अर्धरात्रि के समय मानसरोवर श्रीमहाप्रभुजी ने पुरूषोत्तम क्रांति स्वरूप के दर्शन दिये है।
पता: मानसरोवर (माखन) (यमुना नदी के किनारें), पो.माट, जि.- मथुरा (उ.प्र.) 22 बाईस बैठक
सुंदरशिला के सामने छोकर के नीचे श्री आचार्यजी की बैठक है। यहां आपने श्री गोवर्धन पूजा करी, दीपमालिका करी और सवा सेर भात का अन्नकूट उत्सव किया।
पता: सुन्दरशिला, गिरिराज जी के सामने, तलहटी, पो. जतीपुरा, जिला - मथुरा (उ.प्र.) 14 चौदह बैठक
चन्द्रसरोवर से कुछ ही दुरी पर छोड़कर के निचे आपकी बैठक है उन्होंने बाहर निकलकर दंडवत प्रणाम किया है।
पता: चन्द्रसरोवर, पोस्ट गोवर्धन, जिला - मथुरा 11 ग्यारह बैठक