
वसंत पंचमी भारत में एक प्रमुख वसंत ऋतु का त्योहार है, जो सरस्वती पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है। यह दिन पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर जनवरी-फरवरी महीने में आता है।

स्नान यात्रा हिंदू धर्म में एक पवित्र उत्सव है, विशेषकर भगवान श्रीनाथजी और भगवान जगन्नाथ की पूजा परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे स्नान अवतरण या स्नान उत्सव भी कहा जाता है। यह त्योहार भगवान की प्रतिमा का विशेष स्नान करके उनकी पूजा का एक अनूठा रूप होता है।

एक भव्य धार्मिक उत्सव है जिसमें भगवान को रथ (चariot) पर विराजमान कर नगर में शोभायात्रा करवाई जाती है। यह यात्रा विशेष रूप से भगवान जगन्नाथ की मानी जाती है, लेकिन वैष्णव संप्रदाय में श्रीनाथजी, व्रज लीलाओं और महाप्रभुजी की बैठक से जुड़े स्थलों पर भी रथ यात्राएं निकाली जाती हैं।

यह पर्व भगवान नृसिंह भगवान के प्राकट्य (अवतरण) दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है और इसे नरसिंह जयंती भी कहा जाता है।

यह श्री वल्लभाचार्य महाप्रभुजी के अवतरण (जन्म) दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह उत्सव वैष्णव संप्रदाय, विशेष रूप से पुष्टिमार्गीय वैष्णवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जिसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी या कृष्णाष्टमी भी कहते हैं, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व है। यह भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में रहने वाले कृष्ण भक्तों द्वारा बहुत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

जिसे गंगा आविर्भाव दिवस भी कहते हैं, हिन्दू धर्म का एक पवित्र पर्व है। यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देवी गंगा माता का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।

हिन्दू धर्म में दीपावली महापर्व की शुरुआत का पहला दिन होता है। यह कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है, और इसे "धनत्रयोदशी" भी कहा जाता है। इस दिन धन, स्वास्थ्य, और संपत्ति की देवी-देवताओं की विशेष पूजा की जाती है।

हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

“अन्न का ढेर” या “अन्न का पर्व”। यह हिन्दू धर्म में एक विशेष धार्मिक उत्सव है, जो मुख्य रूप से गोवर्धन पूजा के बाद मनाया जाता है। अन्नकूट पर्व में देवी-देवताओं को हजारों प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं।

जिसे आखा तीज भी कहा जाता है, हिंदू और जैन धर्म में एक अत्यंत शुभ और पवित्र तिथि मानी जाती है। यह वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है, और इसे "अक्षय पुण्य फल देने वाला दिन" कहा जाता है।