पता: चम्पारण्य
(1479-1531) वल्लभाचार्य का आविर्भाव विक्रम संवत् 1535, वैशाख कृष्ण एकादशी को दक्षिण भारत के कांकरवाड ग्रामवासी तैलंग ब्राह्मण श्रीलक्ष्मणभट्टजी की पत्नी इलम्मागारू के गर्भ से हुआ। यह स्थान वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर के निकट चम्पारण्य है।जिन्हें वल्लभ, महाप्रभु, महाप्रभुजी और विष्णुस्वामी या वल्लभ आचार्य के नाम से भी जाना जाता है।
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पता: नागौर जिले के जुंजाला गाँव
(1515-1586) गुसाईंजी महाराज हिन्दुओं के देवता हैं। इनका एक प्रासिद्ध मंदिर नागौर जिले के जुंजाला गाँव में स्थित है।यद्यपि गुसाईंजी हिन्दुओं के देवता हैं।
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पता: गोकुल
(1647 –1772) पुष्टिमार्ग आचार्य, विद्वान, धर्मोपदेशक, अनेक ग्रंथों के रचयिता और संस्कृत, प्राकृत, गुजराती तथा ब्रजभाषा के साहित्यकार थे।उनका जन्म आश्विन (गुर्जर कलेंडर के अनुसार भाद्रपद) कृष्ण पंचमी, विक्रम संवत १६४७ (तदनुसार सन १५९१) को गोकुल में हुआ था।
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