श्री गोवर्धननाथ जी

17.भांडीवरन

17.भांडीवरन

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आपने उससे कहा कि इसका जवाब हम कल देगे। आधी रात के समय कोई चार जने मुग्दर ले उसे बहुत मारने लगे लेकिन दिखे कोई नहीं। उन मारने वालों ने कही कि हम श्री महाप्रभुजी के दूत है अपना भला चाहे तो श्री महाप्रभुजी के पांव पड़। प्रातःकाल वह महंत आय के श्री महाप्रभुजी